Beautiful Hindi Poem On Smiles And Tears

आंसुओं को बहुत समझाया तनहाई मे आया करो,
महिफ़ल मे आकर मेरा मजाक ना बनाया करो !
आँसूं बोले . . .
इतने लोग के बीच भी आपको तनहा पाता हू,
बस इसलिए साथ निभाने चले आता हूँ !
जिन्दगी की दौड़ में,
तजुर्बा कच्चा ही रह गया…
हम सीख न पाये ‘फरेब’
और दिल बच्चा ही रह गया !
बचपन में जहां चाहा हंस लेते थे,
जहां चाहा रो लेते थे…                         पर अब मुस्कान को तमीज़ चाहिए
और आंसुओ को तन्हाई !
हम भी मुस्कराते थे कभी बेपरवाह अन्दाज़ से…
देखा है आज खुद को कुछ पुरानी तस्वीरों में !
चलो मुस्कुराने की वजह ढुंढते हैं…
तुम हमें ढुंढो…
हम तुम्हे ढुंढते हैं
लोग कहते है जिन्दा रहे तो मिलेंगे,
हम कहते है मिलते रहेंगे तो जिन्दा रहेंगे !!

 

Beautiful Hindi Poem On Smiles And Tears
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