Happy New Year Non-Veg Shayari Bonanza

कल चोदे सो आज चोद, आज चोदे सो अब,
बीबी तो चुदती रहेगी, पड़ोसन चोदेगा कब !

ऐसी लड़की चोदिये, लंड का आपा खोये,
औरों से चुदी ना हो, बीबी वो ही होये !

बड़ा हुआ तो क्या हुआ, तेरा लंड हुजुर,
हमने भी तो लड़कियों से, मज्जे लिए भरपूर !

करत करत चुदाई से, लंड होत बलवान,
चूत मैं आवत जावत से, लंड बने महान !

कुंवारी कलि ना चोदिये, चूत पे करे घमंड,
चुदी चुदाई चोदिये, जो लपक के लेवे लंड !

चोदते चोदते सुबह हो गयी लंड पे पड़ गए छाले,
चूत फट के गुफा हो गयी वाह रे चोदने वाले !

 

चुदे हुए आंशिको के लिए ।

अर्ज़ किया है ….
जिस दिन उनसे दिल लगा बैठे,
तनहा में सुकून कि माँ चुदा बैठे ।

वो तो सो गयी बहनचोद, किसी और के बिस्तर पे,
और हम अपनेही झांटोमे आग लगा बैठे ।

प्यार करना है तो निरमा पावडरवाली से करो
क्यों की वो कहती है, पहले इस्तेमाल करो, फिर विश्वास करो

भाई लोग, ये सब चुतीयापंती है। जिधर भी मौक़ा मिले, मिशन पुरा कर देना ।
Just remember, One who hesitates later masturbates.

किसी बुज़ुर्ग मादरचोद ने सही कहा है,
‘लड़की को लवडे पे बिठाओ, तो तुमसे दिल लगा लेगी, और अगर दिल में बिठाओ, तो तुम्हारे लवडे लगा देगी ।

 

आल नॉनवेज. फनी

रोये हम इस कदर उनके सीने से लिपट कर;
वाह वाह!
रोये हम इस कदर उनके सीने से लिपट कर;
कि वोह खुद अपनी कमीज़ उतारकर बोली;
ले चूस ले कमीने, फालतू में नाटक मत कर!

दिल तोड़ने कि सजा नहीं मिलती;
दिल टूटने कि वजह नहीं मिलती;
माल तो बहुत फस जाते हैं, मेरे दोस्त;
बस उन्हे ठोकने कि जगह नहीं मिलती!

उनकी गली से गुज़रे, तो चौबारा नज़र आया;
उनकी गली से गुज़रे, तो चौबारा नज़र आया;
उसकी माँ बाहर आ कर बोली:
गांड फाड़ दूंगी भोसड़ी के, जो दोबारा नज़र आया!

निप्पल से टपक रहा है पसीना;
निप्पल से टपक रहा है पसीना;
भीगी हुई गांड और लथपथ सीना;
अब तुम्ही बताओ ग़ालिब;
इतनी गर्मी में कोई कैसे ठोके हसीना!

दिलबर के हमने प्यार से जो बूब दबा दिए;
ज़ारा गौर फरमाइये!
दिलबर के हमने प्यार से जो बूब दबा दिए;
भैन कि लौड़ी ने लात मार के हमारे गोटॆ सुजा दिए!

लंड कि आवाज़ को दमदार कहते हैं;
फटी चूत को बेकार कहते हैं;
सिर्फ छोड़ने का नाम मोहब्बत नहीं होता;
किसी कि यादों में मुट्ठ मारने को भी प्यार कहते हैं!

उनकी आँखों में आंसू और चेहरे पर हसी है;
वाह वाह! वाह वाह!
उनकी आँखों में आंसू और चेहरे पर हसी है;
ऐसा लगता है कि उनकी लुल्ली ज़िप में फसी है!

चाँद देखकर सितारे बने;
आसमान देखकर बादल बने;
नदी देखकर किनारे बने;
आपके कारनामे देखकर निरोध के कारखाने बने!

आज उसका दिल फिर दुखा दिया हमने;
अपने प्यार का क़र्ज़ चूका दिया हमने;
देकर लालच उससे कुल्फी का;
अँधेरे में अपना उस्ताद चूसा दिया हमने!

वोह आये हमारी कबर पे चल दिए मूत के;
चलो इसी बहाने दर्शन हो गए चूत के;
हैरलेस थी उनकी चिकनी चूत;
लेकिन अब क्या फायदा जब हम बन गए भूत!

तुफानो में छतरी नहीं खोली जाती;
ब्रा से पहले पैंटी नहीं खोली जाती;
‘वियाग्रा’ खाना शुरू कर, मेरे दोस्त;
क्यूंकि जुबां और ऊँगली से औरत नहीं चोदी जाती!

यारा तेरी यारी पे मुझे शक नहीं था;
वाह वाह!
पहले सुन्न तो ले भोसड़ी के!
यारा तेरी यारी पे मुझे शक नहीं था;
लेकिन सबने तेरी गांड मारी, क्या मेरा कोई हक़ नहीं था …

 

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