Think About What We Lost And What We Gained

“वो भी क्या दिन थे…!
🌼 “जब घड़ी एक आध के पास होती थी,”और “समय सबके पास होता था!!!
🌼 “बोलचाल में हिंदी का प्रयोग होता था, और “अंग्रेज़ी तो पीने के बाद ही बोली जाती थी!!!
🌼 ” फिल्मों में हीरोइन को पैसे कम मिलते थे,” पर कपड़े वो पूरे पहनती थी!!!
🌼 ” लोग पैदल चलते थे,”और पदयात्रा करते थे,” पर पदयात्रा पद पाने के लिये नहीं होती थी!!!
🌼 ” साईकिल होती थी,” जो चार रोटी में चालीस का एवरेज देती थी!!!
🌼 “चिट्ठी पत्री का जमाना था, “पत्रों मे व्याकरण अशुद्ध होती थी,” पर आचरण शुद्ध हुआ करता थे!!!
🌼 ” शादी में घर की औरतें खाना बनाती थी,” और बाहर की औरतें नाचती थी,”अब घर की औरतें नाचती हैं,” और बाहर की औरते खाना बनाती है!!!
“सोचो क्या खोया,”
और क्या पाया..!!!

 

Think About What We Lost And What We Gained
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