Zabardast Shayari

तवायफ की मांग में सिंदूर,
लंगूर के हाथ में अंगूर।

बगुले की चोंच में हीरा,
ऊंट के मुहं में जीरा।

बंदरों के पास कार,
गधों के हाथ में सरकार।…

कैसे-कैसे कारनामे हो रहे हैं,
और आप रजाई ओढ़ के सो रहे हैं।

राहुल गांधी आज जो भी हे वो पुरखो की वजह से
हे ओर अरविन्द केजरीवाल जो भी हे
वो मुरखो की वजह से है।

 

Zabardast Shayari
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